केंद्रीय गृह मंत्रालय ने परिसीमन आयोग के गठन पर लगाया विराम


केंद्रीय गृह मंत्रालय ने परिसीमन आयोग के गठन पर विराम लगाते हुए साफ कर दिया है कि इस बारे में अभी कोई चर्चा नहीं हुई है, लेकिन रियासत के सियासत में इसे लेकर उठा तूफान शांत नहीं हो रहा है. कश्मीर विशेषज्ञों के अनुसार परिसीमन आयोग का गठन केंद्र सरकार के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण है क्योंकि अलगाववादी तत्व इसे कश्मीर बनाम जम्मू और कश्मीरी बनाम दिल्ली की जंग बनाने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को जम्मू कश्मीर के हालात पर चर्चा के लिए केंद्रीय गृह सचिव समेत गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई थी. बैठक में राज्यपाल सत्यपाल मलिक की केंद्रीय गृह मंत्री को राज्य के हालात पर सौंपी गई रिपोर्ट पर विचार विमर्श हुआ था.

बैठक के दौरान संकेत मिला था कि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर में परिसीमन आयोग का गठन और राजनीतिक नक्शा बदलने के मूड में है. जम्मू संभाग में सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ ही अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटें आरक्षित की जाएंगी.

केंद्रीय गृह मंत्रालय की बैठक के बाद परिसीमन की उड़ी खबरों से जम्मू कश्मीर में सियासी हलचल शुरू हो गई थी. कश्मीर केंद्रित सियासी दलों नेशनल कांफ्रेंस व पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने जन आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दे डाली थी. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता र¨वद्र शर्मा ने कहा कि हमने तो पहले ही कहा था कि विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए केंद्र ने एक शिगूफा छोड़ा है.

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