यूपी के बाद बंगाल में मोदी व शाह की सबसे अधिक जनसभाएं


भारतीय जनता पार्टी 42 संसदीय सीटोंवाले देश के तीसरे सबसे बड़े राज्य पश्चिम बंगाल में अपनी सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास में जुटी हुई है. 

उत्तर प्रदेश के बाद बंगाल की ऐसा राज्य है, जहां भाजपा अपनी ताकत को और मजबूत करने में लगी है. इसलिए पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा के राष्ट्रीय अमित शाह लगातार बंगाल का दौरा कर रहे हैं. 

उत्तर प्रदेश के बाद पश्चिम बंगाल ही ऐसा राज्य है, जहां प्रधानमंत्री व अमित शाह की सबसे अधिक सभाएं हुई हैं. अभी यहां और दो चरणों का मतदान बाकी है और माना जा रहा है प्रधानमंत्री और दो विभिन्न दिनों में यहां चुनाव प्रचार करने आयेंगे. पूर्वी भारत व पूर्वोत्तर राज्यों में भाजपा अपनी सीटों की संख्या बढ़ाना चाहती है. 

एक वैकल्पिक 'लुक इस्ट' नीति तैयार करने के बाद, भाजपा ओड़िशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों पर बहुत जोर दे रही है. खास बात यह है कि भारत में सबसे अधिक लोकसभा सीटें उत्तर प्रदेश में 80 हैं, जबकि महाराष्ट्र में 48 हैं. उसके बाद पश्चिम बंगाल में 42 सीटें हैं. 
26 मार्च और एक मई के बीच, जो पहले पांच चरणों के मतदान से पहले का समय है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुल 84 रैलियां या रोड शो आयोजित किये हैं, जबकि अमित शाह ने 74 जनसभाओं को संबोधित किया है.

इनमें से नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश में 13 जनसभाओं और रोड शो में हिस्सा लिया है, जबकि अमित शाह ने 12 में. मोदी और शाह ने अपने गृह राज्य गुजरात की तुलना में पश्चिम बंगाल में अधिक रैलियों को संबोधित किया है. यहां तक ​​कि महाराष्ट्र की तुलना में, जो शिवसेना के साथ गठबंधन में शासन करता है, पूर्वी राज्य जाहिर तौर पर भाजपा की योजनाओं में महत्व रखता है. 

मोदी ने अब तक पश्चिम बंगाल में 10 रैलियां कीं, जिनमें से एक कोलकाता के प्रसिद्ध ब्रिगेड परेड ग्राउंड में है, जबकि शाह ने 26 मार्च-एक मई की अवधि के दौरान 11 जनसभाओं को संबोधित किया है. बंगाल के सभी सात चरणों में मतदान के साथ, मोदी और शाह दोनों ही हर दौर से पहले मेगा रैलियों को संबोधित करते हुए राज्य की ओर बढ़ रहे हैं. 19 मई को चुनाव के अंतिम चरण से पहले कोलकाता में रोड शो आयोजित करने की संभावना है. 

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