अभिनय में कुछ नया करने का अवसर हमेशा नहीं मिलता: प्रोसेनजीत


बंगाली सुपरस्टार प्रोसेनजीत चटर्जी का कहना है कि अभिनय में कुछ नया करने का मौका गिनीचुनी फिल्मों में ही मिलता है। अभिनेता का कहना है कि रितुपर्णो घोष की ‘दोसर’ या अतनु घोष की आने वाली फिल्म ‘मयूराक्षी’ में ही उन्हें पारंपरिक अभिनय की श्रेणी से बाहर निकल कुछ अलग करने का मौका मिला।

प्रोसेनजीत ने से कहा, ‘‘ऐसे मौके बहुत कम मिलते हैं... हमेशा नहीं।’’ अभिनेता ने कहा, ‘‘कई बार, विचार आता है कि कहीं हम अभिनय की पारंपरिक श्रेणी में बंध तो नहीं गए हैं।’’ उन्होंने कहा कि इसका यह मतलब नहीं है कि अन्य निर्दशकों द्वारा दिए किरदार उन्हें नीरस लगते हैं। हर फिल्मकार का काम करने का अपना तरीका होता है। लेकिन निश्चित तौर पर, जब निर्देशक आपको अपनी छवि से बाहर निकलने को कहते हैं, तो आपको नए तरीके से कुछ करने का अधिक मौका मिलता है।

No comments