वैश्विक कंपनियों के लिये भारत में गैस क्षेत्र में निवेश के व्यापक अवसर: प्रधान


विदेशी कंपनियों के लिये भारत के गैस क्षेत्र में निवेश के व्यापक अवसर का जिक्र करते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि देश की ऊर्जा मांग तेजी से बढ़ रही है। आने वाले वर्ष में रिफाइनरी और पेट्रोरसायन, सेरामिक्स, सीमेंट और इस्पात जैसे औद्योगिक क्षेत्रों से देश में प्राकृतिक गैस की मांग को गति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि भारत में कुल ऊर्जा में गैस का योगदान केवल 6–5 प्रतिशत है जबकि वैश्विक औसत 24 प्रतिशत है और सरकार ने 2030 तक देश की कुल ऊर्जा में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है।

यहां जारी आधिकारिक बयान के अनुसार बैंकाक में सातवें एशियाई मंत्री स्तरीय ऊर्जा गोलमेज बैठक में प्रधान ने पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘भारत फिलहाल दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एलएनजी आयातक है। वह इस मामले में जापान, दक्षिण कोरिया और चीन से ही पीछे है। भारत ने पिछले साल 1–9 करोड़ टन एलएनजी का आयात किया जो इससे पूर्व वर्ष के मुकाबले 15 प्रतिशत अधिक है।’’ ‘प्राकृतिक गैस: गैस के स्वर्णिम काल में आने वाली बाजार एवं नीतिगत अड़चन’ विषय पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा, ‘‘उर्वक, बिजली और शहर में गैस वितरण तीन मुख्य क्षेत्र हैं जो भारत में प्राकृतिक गैस की मांग में योगदान दे रहे हैं।

No comments