ट्रंप ने उत्तर कोरिया के शासन को कहा ‘क्रूर तानाशाह’


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के शासन को ‘क्रूर तानाशाह’ बताया और वहां के लोगों पर गंभीर राजनीतिक दमन की आलोचना की। दक्षिण कोरिया की संसद में अपने संबोधन में उन्होंने यह कहा। दक्षिण कोरिया के सांसदों ने अमेरिकी राष्ट्रपति के संबोधन की सराहना की। ट्रंप ने अलग-थलग पड़े उत्तर कोरिया के खिलाफ वैश्विक एकजुटता का आह्वान करते हुए किम को ‘‘बेहतर भविष्य की ओर जाने वाले रास्ते’’ की पेशकश भी की। ट्रंप ने कहा, ‘‘अपने लोगों को समान नागरिकों के तौर पर महत्व देने की बात तो दूर है, यह क्रूर तानाशाही उन्हें देश के लिए निष्ठा के बारे में सर्वाधिक मनमाने तरीके के संकेत के आधार पर महत्व देती है।’’ इस साल अपना छठा परमाणु परीक्षण करने वाले उत्तर कोरिया ने हालिया महीने में दर्जनों मिसाइलें छोड़ी हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ये हथियार आपके शासन को बड़े खतरे में डाल रहे हैं। इस अंधेरे रास्ते पर बढ़ता आपका हर कदम आपके सामने आने वाले खतरे को बढ़ाएगा।’’ चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ अपनी बैठक के पहले ट्रंप ने कहा कि विश्व को उत्तर कोरिया के खतरे से मुकाबला करने के लिए एकजुट होना है। उन्होंने कहा, ‘‘सभी जिम्मेदार राष्ट्रों को उत्तर कोरिया के क्रूर शासन को अलग थलग करने के लिए एक बल बनना चाहिए। ’’ दक्षिण कोरिया के दौरे पर आए ट्रंप ने देश की संसद में कहा, ‘‘जो हथियार आप हासिल कर रहे हैं वह आपको सुरक्षित नहीं बना रहे हैं।’’ अपनी इस पेशकश को उन्होंने किम के लिए एक सीधा संदेश बताया है।

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