बिमल गुरुंग के समर्थकों के साथ हुई झड़प में पुलिस उप-निरीक्षक की मौत


पंचकूला (हरियाणा)। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोहरे दुष्कर्म मामले में अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद भड़की हिंसा के संबंध में डेरा सच्चा सौदा अध्यक्ष विपासना इसां आज हरियाणा पुलिस के एक विशेष जांच दल के समक्ष पूछताछ के लिए पेश हुईं। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि विपासना सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय से आज यहां पहुंची। पंचकूला पुलिस ने पूछताछ के लिए उन्हें तलब किया था।

अधिकारी ने बताया कि वह कल ही यहां आने वाली थीं लेकिन नहीं आ पाईं। इसके बाद सिरसा सिविल अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम कल डेरा मुख्यालय उनकी जांच के लिए भेजी गई, जिन्होंने बताया कि वह यात्रा करने के लिए पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं। पुलिस ने बताया कि डॉक्टरों की तरफ से सहमति जताने के बाद विपासना को एसआईटी के समक्ष आज पेश होने के लिए तलब किया गया। एसआईटी ने विपासना को पंचकूला में एक प्राथमिकी के संबंध में पेश होने को कहा था। इस प्राथमिकी में डेरा प्रमुख की विश्वासपात्र हनीप्रीत इसां, डेरा प्रवक्ता आदित्य इसां और डेरा के कुछ अन्य शीर्ष पदाधिकारियों पर राजद्रोह, षडयंत्र रचने और अन्य आरोप लगाए गए थे।

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोहरे बलात्कार मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला और सिरसा में हिंसा भड़क उठी थी। इन दोनों जगहों में डेरा का मुख्यालय है। इस हिंसा में 25 अगस्त को करीब 200 लोग घायल हो गए थे और 41 लोगों की मौत हो गई थी। राम रहीम को दो महिलाओं के साथ दुष्कर्म करने के अपराध में 20 साल की सजा सुनाई गई है और वह अभी रोहतक जिले के सुनारिया जेल में बंद हैं। हिंसा भड़काने के मामले में पुलिस हनीप्रीत की सहभागिता की भी जांच कर रही है। हनीप्रीत दावा करती हैं कि वह जेल में सजा काट रहे राम रहीम की दत्तक पुत्री हैं।

हनीप्रीत पर हिंसा भड़काने के लिए षडयंत्र रचने का आरोप है।हनीप्रीत का असली नाम प्रियंका तनेजा है और उसे हरियाणा पुलिस ने तीन अक्तूबर को गिरफ्तार किया था। वह आज तक की पुलिस हिरासत में हैं। हिंसा के मामले में राज्य पुलिस द्वारा वांछित 43 लोगों की सूची में हनीप्रीत शीर्ष पर हैं। पुलिस ने बताया कि वह इस बात की जांच कर रही है कि हनीप्रीत का मोबाइल फोन विपासना के पास है या नहीं।

हनीप्रीत ने दावा किया था कि उसने अपना फोन डेरा अध्यक्ष को 27 अगस्त को सौंप दिया था। पुलिस का मानना है कि हनीप्रीत के मोबाइल फोन से इस मामले में अत्यंत जरूरी जानकारी मिल सकती है। पुलिस हनीप्रीत के लैपटॉप की भी तलाश कर रही है। लैपटॉप के बारे में हनीप्रीत ने बताया था कि उसने डेरा मुख्यालय के अपने कमरे में इसे छोड़ दिया था।

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