बुनियादी ढांचा निवेश, दिवाला सुधार सरकार की शीर्ष प्राथमिकता: गर्ग


वाशिंगटन। बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश लाना और दिवाला सुधार सरकार की शीर्ष प्राथमिकताएं हैं। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने यह बात कही है। गर्ग ने साक्षात्कार में कहा कि भारत में दिवाला इकाइयों को भंग करने का कोई ढांचा नहीं है। इस क्षेत्र में सुधार से एक अत्याधुनिक प्रणाली लाने में मदद मिलेगी जो सख्त और कड़ाई वाली समयसीमा के हिसाब से काम करेगी।

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्व बैंक की सालाना बैठक में यहां भाग लेने आए वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुवाई वाले प्रतिनिधिमंडल में गर्ग भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि आगे चलकर भारत को बुनियादी ढांचा क्षेत्र में और निवेश की जरूरत होगी। इस क्षेत्र में निवेश से भारत बेहतर अर्थव्यवस्था, बेहतर जीवन और बेहतर प्रबंधन की अपनी बढ़ती आकांक्षाओं को पूरा कर सकता है। गर्ग ने कहा, ‘‘ऐसे मेरे विचार में सबसे प्रमुख नीतिगत प्राथमिकता निवेश बढ़ाना, बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश लाना हैं। यह काफी महत्वपूर्ण है।’’ उन्होंने कहा कि इसके अलावा दिवाला सुधार भी उनके एजेंडा में शीर्ष पर हैं।

गर्ग ने कहा कि दिवाला सुधारों से बैंकिंग क्षेत्रों का प्रदर्शन सुधरेगा। उन्होंने कहा कि आगे चलकर ये दोनों चीजें महत्वपूर्ण होंगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एक बड़ी जरूरत भारत को औपचारिक अर्थव्यवस्था बनाने, कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था बनाने की है। भारत में विश्लेषकों तथा आईएमएफ और विश्व बैंक के अधिकारियों की भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर भिन्न राय के बारे में पूछे जाने पर गर्ग ने कहा कि भारत में टिप्पणीकार लघु अवधि के नतीजों से अधिक प्रभावित होते हैं, जबकि आईएमएफ और विश्व बैंक के लोग दीर्घावधि की दृष्टि से सोचते हैं।

सार्वभौमिक मूल आय (यूबीआई) के बारे में पूछे जाने पर गर्ग ने कहा कि यह एक ऐसा विचार है जिस पर भारत काफी नजदीकी से देख रहा है। उन्होंने कहा कि यूबीआई ऐसा विचार है जिसे कई आर्थिक विश्लेषक ऐसी अर्थव्यवस्था या दुनिया, जहां प्रौद्योगिकी विकास से परंपरागत रोजगार कम हो रहे हैं, में सामाजिक सुरक्षा उपाय के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा कि यह ऐसा विचार है जिसे हमें नजदीकी से देखना चाहिए। गर्ग ने कहा कि मनरेगा जैसे कार्यक्रम भी एक प्रकार के यूबीआई है। उन्होंने कहा कि क्या मनरेगा मूल आय के लिए बेहतर डिजाइन है, जिसकी आगे चलकर समीक्षा करने की जरूरत होगी।

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