फिल्म 'भूमि' के बाद अब 'पद्मावती' में नजर आएंगी अदिति राव हैदरी


अभिनेत्री अदिति राव हैदरी बॉलीवुड में ‘दिल्ली 6’ में सहायक अभिनेत्री का किरदार निभाने से लेकर मणि रत्नम की फिल्म ‘काटरू वेलियादाई’ तक का सफर तय करके फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बना चुकी हैं। फिल्म इंडस्ट्री के बड़े निर्देशकों के साथ काम करने वाली अभिनेत्री ने बताया कि उन्हें गर्व है कि बिना किसी सहायता की वह यहां तक पहुंची हैं। अदिति कहती हैं कि मैं अचानक ही यहां आई हूं और ये मेरे नन्हें कदम हैं। कोई समर्थन देने के लिए मेरे पीछे नहीं है लेकिन मैंने कभी भी इसको लेकर शिकायत नहीं की। मैं हमेशा ही खुद को भाग्यशाली महसूस करती हूं क्योंकि कई लोगों ने मुझे अपनी उड़ानों के अंदर रखा, मेरे विकास में मदद की और मुझे अपनी दूरदर्शिता का हिस्सा बनाया। अभिनेत्री ने बताया कि फिल्मों में सतत बने रहना मुश्किल है लेकिन आत्मविश्वास एक बड़ी ताकत है।

अदिति की हालिया प्रदर्शित फिल्म ‘भूमि’ है। इसका निर्देशन उमंग कुमार ने किया है। यह फिल्म पिता-पुत्री की कहानी पर है और अभिनेत्री टाइटल चरित्र अदा कर रही हैं। अभिनेत्री कहती हैं कि यह मेरा पहला टाइटल किरदार है। यह फिल्म एक ऐसे पिता की कहानी है जो अपनी बेटी के साथ खड़ा होता है। यह एक पुरुष की औरत के साथ खड़े होने और उसे सशक्त करने की कहानी है। इस अनुभव ने मेरी आत्मा को सराबोर कर दिया। इस किरदार ने मेरी सीमाओं को बढ़ाने का काम किया। मैं सच में इस तरह की चीजों से आकर्षित हुई। ‘भूमि’ के बाद अदिति संजय लीला भंसाली की बड़ी फिल्म ‘पद्मावती’ में दिखने वाली हैं।

वह बताती हैं कि ‘मैं चाहती थी कि कोई मुझे आगे बढ़ाए और एक ऐसा अभिनय मुझसे निकलवाए, जिसकी किसी ने आशा न की हो। मणि सर के बाद उमंग कुमार ने वह काम किया और अब संजय सर कर रहे हैं। मैं अपने सपनों को जी रही हूं। वह कहती हैं कि मैं हमेशा ही मणि सर और भंसाली सर के साथ काम करना चाहती थी। हो सकता है कि मैं किसी तरह से अप्रिय स्थिति में पहुंचू लेकिन मैं इस पर विचार नहीं करती हूं क्योंकि चुनौती स्वीकार करना मुझे अच्छा लगता है। इसमें बहुत खुशी होती है। ये फिल्म निर्माता आपको आगे बढ़ाते हैं और यह एक दवाई की तरह हैं। अदिति ने बताया कि वह अमिताभ बच्चन से काफी प्रेरणा लेती हैं।

हैदरी का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आता कि नारीवाद के विचार को नकारात्मक रूप से क्यों लिया जाता है क्योंकि उन्हें लगता है कि हर सामान्य इंसान को नारीवादी होना चाहिए। 30 साल की अभिनेत्री को हाल ही में महिला आर्थिक मंच में ‘यूथ आयकन ऑफ दि डिकेड’ पुरस्कार से सम्मानित किया। अदिति ने कहा कि महिलाएं दुनिया की आबादी का आधा हिस्सा हैं और ‘‘आज हर सामान्य इंसान को नारीवादी होना चाहिए। नारीवादी होने को सामान्य समझा जाना चाहिए।’’ वह कहती हैं कि महिलाएं दुनिया की आधी आबादी हैं, इस तथ्य का सम्मान किया जाना चाहिए। हर इंसान नारीवादी है और अगर वे नहीं हैं तो उनके साथ कुछ गलत है। यह आपके लालन पालन में ही होना चाहिए और इसे असामान्य चीज के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

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