मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी देती है 'पोस्टर बॉयज़'


इस सप्ताह प्रदर्शित फिल्म 'पोस्टर बॉयज़' सामाजिक संदेश के साथ-साथ मनोरंजक भी प्रदान करती है। निर्देशक के तौर पर श्रेयस तलपड़े इससे पहले यह फिल्म मराठी में बना चुके हैं। फिल्म संदेश देती है कि असली मर्द वह होता है जो सिर्फ औरतों पर ही नसबंदी कराने का दबाव ना डालते हुए खुद भी नसबंदी कराने के लिए आगे आता है। फिल्म देश में जनसंख्या वृद्धि की बढ़ती समस्या पर भी फोकस करती है। 

फिल्म की कहानी जंगेठी गांव के रिटायर्ड फौजी चौधरी जगावर सिंह (सनी देओल), स्कूल टीचर विनय शर्मा (बॉबी देओल) और लोन रिकवरी एजेंट अर्जुन सिंह (श्रेयस तलपड़े) के इर्दगिर्द घूमती है। इन तीनों की जिंदगी में एक दिन अचानक तब बड़ी घटना घटती है जब ये स्वास्थ्य विभाग के नसबंदी अभियान वाले पोस्टरों पर अपनी फोटो देख कर हैरान हो जाते हैं। इसमें लिखा होता है कि हमने तो नसबंदी करवा ली अब आप भी करवा लीजिए। होता यह है कि स्वास्थ्य मंत्री के आने से पहले विभाग का एक कर्मचारी जल्दी से पोस्टर छपवाने के लिए अपने फोटोग्राफर दोस्त के स्टूडियो से कुछ फोटो लेकर पोस्टर छपवा देता है और इन तीनों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। दो की शादी रुक जाती है तो तीसरे की पत्नी उसे छोड़ कर चली जाती है। अब ये तीनों मिलकर सरकार के खिलाफ केस करते हैं। आगे की फिल्म में बड़े मजेदार ढंग से कहानी आगे बढ़ती है।

अभिनय के मामले में सनी देओल प्रभावी रहे। निर्देशक ने उनकी अच्छी बॉडी को भी कहानी के साथ ऐसा जोड़ा है कि दर्शकों का मजा बढ़ जायेगा। बॉबी देओल काफी समय बाद पर्दे पर दिखाई दिये और काम भी ठीकठाक किया है। श्रेयस तलपड़े छा गये हैं। चूंकि वह इसी कहानी को पहले मराठी में कर चुके हैं इसलिए इस बार उनका आत्मविश्वास और बढ़ा हुआ था। फिल्म के अन्य कलाकारों का काम भी ठीकठाक रहा। अजय देवगन, परिणीति चोपड़ा, अरशद वारसी और तुषार कपूर मेहमान भूमिका में हैं। निर्देशक श्रेयस तलपड़े ने कहानी को पथ से भटकने नहीं दिया है। अगर समय है तो जरूर इस फिल्म को देखिये वाकई मनोरंजक है।

कलाकार- सनी देओल, बॉबी देओल, श्रेयस तलपड़े, सोनाली कुलकर्णी, रणधीर राय, राशुल टंडन और निर्देशक श्रेयस तलपड़े।

साभार: http://www.prabhasakshi.com

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