‘सुलतान’ में काम करना पीछे जाने की तरह होता: कंगना


मुंबई। हिंदी फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने कहा कि उन्होंने ‘सुलतान’ फिल्म इस वजह से ठुकरा दी थी क्योंकि उसमें नायिका का किरदार उन्हें रोचक नहीं लगा था और उन्हें लगा कि उसे स्वीकार करना उनके लिए करियर में पीछे जाने की तरह होता। कुश्ती पर आधारित फिल्म में कंगना को सलमान खान के विपरीत एक महिला पहलवान की भूमिका की पेशकश की गयी थी। बाद में अनुष्का ने वह भूमिका अदा की और फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता मिली।

यह पूछे जाने पर कि उन्होंने एक बड़ा दर्शक वर्ग हासिल करने वाली ‘सुलतान’ जैसी फिल्म क्यों ठुकरा दी, कंगना ने कहा, ‘‘मौजूदा समय को ध्यान में रखते हुए मैं कुछ ऐसा काम करना चाहूंगी जो मुझे प्रेरित करे नहीं तो मैं पूरी फिल्म में बेमन से काम करती रहूंगी। उस समय ‘सुलतान’, हालांकि उसका किरदार एक लड़की के लिए अच्छा था, मुझे उसमें अपने लिए कुछ मजेदार नहीं लगा।’’ उन्होंने कहा कि जब उनसे अली अब्बास जफर की फिल्म की पेशकश की गयी, उससे ठीक पहले उन्होंने ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ में बेहद सफल दोहरी भूमिका निभायी थी जिसे समीक्षकों से जोरदार वाहवाही मिली थी।

कंगना ने कहा, ‘‘दोहरी भूमिका निभाने और उससे पहले फिल्मों में बहुत कुछ करने के बाद मैं किसी ऐसी फिल्म के लिए खुद को पीछे की तरफ ले जाना नहीं चाहती थी जिसमें मेरे लिए ज्यादा कुछ मजेदार नहीं था। इसलिए मैंने वह फिल्म नहीं की।’’ कंगना जागरण सिनेमा समिट में फिल्म समीक्षक मयंक शेखर से बात कर रही थीं। अभिनेत्री ने पुरूष सहकर्मियों के साथ विवादों को लेकर कहा कि ऐसा नहीं है कि वह पुरूषों से नफरत करती हैं। हाल में कंगना रजत शर्मा के कार्यक्रम ‘आप की अदालत’ में नजर आयी थीं जहां उन्होंने रितिक रोशन, आदित्य पंचोली, अध्ययन सुमन और फिल्मकार करण जौहर पर निशाना साधा था।

यह पूछे जाने पर कि बहुत सारे लोगों को लगता है कि कंगना मर्दों से नफरत करती हैं, अभिनेत्री ने जवाब दिया कि ऐसा नहीं है क्योंकि उनके बहुत से पुरूष मित्र हैं। कंगना ने कहा, ‘‘मैं पुरूषों से नफरत नहीं करती। मुझे पता नहीं कि मैं कब नारीवादी बन गयी। असमानता का पूरा नजरिया और एक को दूसरे से कमतर समझा जाना मुझे समझ नहीं आता, यह अजीब है।

No comments