पटना के NIT घाट पर बड़ा हादसा, करीब 70 डूबे,10 की मौत, 20 अस्पताल में भरती


पटना : एनआईटी घाट पर नांव पलटने से 10 लोगों  की मौत हो गयी है. हालांकि अबतक प्रशासन की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं की गयी है. घटनास्थल पर मौजूद सवांददाता के अनुसार अबतक 10 लोगों का शव गंगा से निकाला गया है.  अभी भी कई लोग लापता बताये जा रहे हैं. घायलों को पीएमसीएच में भरती करा दिया गया. मौक  पर एनडीआरएफ की टीम पहुंच गयी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है.
गंगा दियारा से एनआइटी घाट के लिए आ रही पर्यटकों से भरी नाव शनिवार की शाम करीब पांच बजे 10 मीटर आगे बढ़ने के बाद गंदा नदी में धंस गयी. नाव ओवरलोड थी, अनुमान के मुताबिक नाव पर 20 लोगों के बैठने की क्षमता थी और उस पर करीब 70 लोग सवार थे. इस बड़े हादसे में रात के 8.30 बजे तक 10 लोगों की लाश नदी से निकाली जा चुकी है , जबकि 20 लोगों को गंभीर हालत में नदी से निकाल कर अस्पताल में दाखिल कराया गया है.

इमसे में सात लोग पीएमसीएच में हैं जिनमे एक की हालत गंभीर है. वहीं अन्य लोगों को निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है. बाकी नदी में डूबे लोगों की तलाश जारी है. गोताखोर और स्थानीय तैराकों की मदद से सर्च अभियान जारी है. डीएम संजय कुमार अग्रवाल, सिटी एसपी चंदन कुशवाहा समेत पूरा प्रशासनिक अमला गंगा दियारा में कैंप शुरु कर दिया है.
दरअसल मकर संक्राति के अवसर पर गंगा दियारा में आयोजित पतंग उत्सव में शामिल हाेने के लिए शहर से बड़ी संख्या में लोग नाव से उस पार गये थे. लेकिन जब शाम होने लगी तो लोगों में वापस एनआइटी घाट आने की होड़ मच गयी. इस दौरान शाम को एक छोटी नाव एनआइटी घाट आ रही थी.   बताया जा रहा है. छोटी नाव थी बावजूद भारी संख्या में लोग उस पर चढ़ गये. नाव पहले डगमगायी और फिर अचानक पानी में बैठ गयी. इस दौरान पर्यटन विभाग का स्टीमर वहां पहुंचा और लाइफ जैकेट पानी में फेंका. इसके सहारे करीब 25 लोग बाहर निकल गये. बाकी की तलाश जारी है.  
पीएमसीएच में दस लोगों को भरती कराया गया है जिसमें तीन बच्चे भी शामिल है. नांव में सवार सभी लोग डूब गये लेकिन कई लोग तैर कर निकलने में सफल रहे. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना के जांच के आदेश दे दिये हैं. सीएम ने बेहतर इलाज के लिए निर्देश दिये हैं.  अभी भी एनआईटी घाट पर लोगों की भीड़ जमा है. कई लोग लापता है उनके परिवार वाले पहुंचे हैं. डीएम संजय कुमार अग्रवाल मौके पर पहुंचे हैं और  बचाव और राहत  कार्य की निगरानी कर रहे हैं. 

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