घोषणा एक-दो दिन में; यूपी में समाजवादी पार्टी-कांग्रेस के बीच गठबंधन तय


लखनऊ : उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन लगभग तय हो गया है। सूत्रों के अनुसार, दोनों पार्टियों के बीच सीटों का बंटवारा भी हो गया है। इसकी घोषणा एक से दो दिनों के अंदर कर दी जाएगी। बता दें कि उत्तर प्रदेश में चुनाव निशान 'साइकिल' की रेस जीतने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कांग्रेस के साथ गठबंधन की कवायद में जुट गए। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को कहा कि वह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन करेगी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आज कहा कि वह हमेशा अपने पिता सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के साथ मिलकर चलेंगे और कांग्रेस के साथ गठबंधन पर एक-दो दिन में निर्णय ले लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के साथ गठबंधन की सम्भावना के सवाल पर कहा कि इस तालमेल पर निर्णय एक-दो दिन में ले लिया जाएगा। इस बारे में औपचारिक ऐलान लखनउ में किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कुल 403 विधानसभा सीटों में से समाजवादी पार्टी खुद 275-280 सीटों पर चुनाव मैदान में उतरेगी। कांग्रेस को 87-90 सीटें दी जा सकती हैं, जिस पर कांग्रेस ने भी लगभग हामी भर दी है। वहीं, आरएलडी को 20-23 सीटें दी जा सकती हैं। इसके अलावा जेडीयू और अपना दल को दो-दो सीटें मिलेंगी।

सूत्रों के अनुसार, मुलायम सिंह अलग से उम्‍मीदवारों की लिस्‍ट जारी नहीं करेंगे। अखिलेश की ओर से मांगे जाने के बाद मुलायम अब उन्‍हें उम्‍मीदवारों की सूची सौंपेंगे। अखिलेश पहले 150 उम्‍मीदवारों की लिस्‍ट जारी कर सकते हैं।

उधर, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने भी कहा कि अखिलेश यादव की अगुवाई में आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और सपा का गठबंधन होगा। प्रदेश में अगली सरकार गठबंधन की बनेगी। गठबंधन को लेकर अगले 48 घंटे के अंदर घोषणा की जाएगी। कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करेंगे, अगले दो दिन में होगी विस्तार से घोषणा होगी। कांग्रेस के प्रवक्ता मीम अफजल ने कहा कि यूपी के हित के लिए कांग्रेस सपा से गठबंधन को राजी है।

वहीं, सपा-कांग्रेस का गठबंधन होने पर शीला दीक्षित सीएम उम्‍मीदवारी वापस लेंगी। शीला दीक्षित सीएम उम्‍मीदवारी वापस लेने के लिए तैयार हैं। उन्‍होंने आज कहा कि
गठबंधन में दो सीएम उम्‍मीदवार नहीं हो सकते हैं।

गौर हो कि अखिलेश ने मंगलवार को फिर पिता मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की। सोमवार शाम को चुनाव आयोग का फैसला आने के बाद भी अखिलेश मुलायम से मिले थे और उसके बाद कहा था कि साइकिल और पार्टी आगे बढ़ती रहेगी। सूत्रों के मुताबिक अखिलेश यादव उम्मीदवारों की अपनी लिस्ट में मुलायम गुट के लोगों को जगह देंगे। इसके लिए मुलायम की ओर से अखिलेश को लिस्ट सौंपी जाएगी।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि मुलायम ने भाई शिवपाल यादव को सलाह दी है कि अब कोर्ट में नहीं जाएं और अखिलेश के साथ गतिरोध को मिल-जुलकर खत्म करें। मुलायम ने शिवपाल से अखिलेश के साथ मिलकर चुनाव लड़ने को कहा है।

अखिलेश ने कहा कि अब उनके सामने विधानसभा चुनाव जीतने की चुनौती है। वह कल रात अपने पिता मुलायम से आशीर्वाद लेने गये थे। वह हमेशा उन्हें साथ लेकर चलेंगे। यह रिश्ता अटूट है। अगला चुनाव उनके मार्गदर्शन में लड़ा जाएगा। अब मुझ पर बड़ी जिम्मेदारी है, इसके लिये सभी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का सहयोग चाहिये। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के साथ गठबंधन की सम्भावना के सवाल पर कहा कि इस तालमेल पर निर्णय एक-दो दिन में ले लिया जाएगा। इस बारे में औपचारिक ऐलान लखनऊ में किया जाएगा। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मंच साझा करने के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि अभी इसके लिये इंतजार करना होगा।

मालूम हो कि मुख्यमंत्री कांग्रेस के साथ गठबंधन की हिमायत बार-बार करते रहे हैं। उनका कहना है कि वैसे तो सपा अपने दम पर सरकार बनाने लायक बहुमत हासिल कर लेगी, लेकिन अगर कांग्रेस का साथ मिला तो वह 403 में से 300 से ज्यादा सीटें जीत लेगी।

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