18 साल बाद आर्म्स एक्ट मामले में सलमान खान बरी


जोधपुर : बहुचर्चित हिरण शिकार प्रकरण से जुड़े करीब 18 साल पुराने आर्म्स एक्ट मामले में फिल्म अभिनेता सलमान खान बुधवार को बरी हो गए। बताया गया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जोधपुर जिला) दलपतसिंह राजपुरोहित की अदालत ने उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी किया।
फैसला सुनने के लिए सलमान खान स्वयं बहन अलवीरा के साथ कोर्ट में उपस्थित रहे। फैसला सुनने के बाद दोनों भाई-बहन के चेहरे पर खुशी नजर आई और वे आपस में गले मिले। वर्ष 1998 में फिल्म 'हम साथ-साथ है' की शूटिंग के दौरान सलमान के खिलाफ हिरण शिकार से जुड़े चार मामले दर्ज हुए थे। इनमें से एक मामला बिना लाइसेंस वाले हथियार से शिकार करने का था। इसी पर जोधपुर की लोअर कोर्ट का फैसला आया। सलमान के स्थानीय वकील हस्तीमल सारस्वत ने बताया कि सलमान के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। जो हथियार सलमान के होटल रूम में मिले, उनसे शिकार होने के ठोस सबूत नहीं मिले हैं। इसी आधार पर सलमान खान को बरी कर दिया गया। बता दें कि शिकार से जुड़े दो केस में सलमान दोषी करार दिए जाने के बाद हाईकोर्ट से बरी हो चुके हैं जबकि एक और मामले की सुनवाई जोधपुर कोर्ट में 25 जनवरी को है।
फैसले से पहले ही बुधवार सुबह 10 बजे जोधपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जोधपुर जिला) दलपतसिंह राजपुरोहित का कोर्ट रूम वकीलों और मीडिया से भर गया। सुबह 10.30 बजे सुनवाई होनी थी। ग्यारह बजे तक सलमान नहीं पहुंचे तो कोर्ट ने कहा कि आधे घंटे में उन्हें पेश कीजिए, नहीं तो फैसला लंच के बाद सुनाया जाएगा। इसके बाद जज उठकर अपने चेम्बर में चले गए। बाद में यह बताया गया कि सलमान जिस गाड़ी में आ रहे थे, उसमें काले रंग के शीशे थे। कानून का वॉयलेशन ना हो, इसलिए वे गाड़ी बदलकर आए। इसमें देर हुई। इसके बाद करीब 11.40 बजे सलमान कोर्ट पहुंचे। जज दलपतसिंह राजपुरोहित को इस बारे में बताया गया। जज ने पहले सलमान का नाम पूछा.. फिर कहा कि आप पर आर्म्स एक्ट के तहत दो मामले हैं, आपको दोनों मामलों में बरी किया जाता है। फैसला सुनते ही सलमान और बहन अलवीरा के चेहरे खिल उठे। इस दौरान, सलमान कुल सात मिनट कोर्ट रूम में रहे। हाईकोर्ट जाएगा विश्नोई समाज मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जोधपुर जिला) द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ विश्नोई समाज राजस्थान हाईकोर्ट जाएगा।
विश्नोई समाज के प्रदेश अध्यक्ष शिवराज विश्नोई ने कहा फैसले के खिलाफ अपील की जाएगी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जोधपुर जिला) दलपतसिंह राजपुरोहित ने आर्म्स एक्ट मामले में सलमान को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया है। प्रशंसकों का कचहरी परिसर में जमावड़ा फिल्म अभिनेता सलमान को एक झलक पाने के लिए उनके प्रशंसकों का कचहरी परिसर में जमावड़ा लगा रहा। इस दौरान, प्रशंसक सलमान की फिल्म के पोस्टर लेकर भी पहुँचे थे। ऐसे में जब सलमान को बरी किया गया तो उन्होंने प्रशंसकों का धन्यवाद किया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था फिल्म अभिनेता सलमान खान की पेशी के दौरान कचहरी परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। करीब पांच वर्ष पूर्व ऐसे ही सलमान की पेशी के दौरान बड़ी संख्या में उनके प्रशंसक कोर्ट में प्रवेश कर गए थे। उस समय पुलिस को उन्हें नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। ऐसे में पुलिस ने काफी संख्या में जवानों की तैनाती की थी, इस दौरान आरएएफ भी नियुक्त रही। यह था मामला वर्ष 1998 में जोधपुर में अपनी फिल्म हम साथ-साथ है की शूटिंग के दौरान सलमान खान पर तीन अलग-अलग स्थान पर हरिण का शिकार करने के आरोप लगे। उनकी गिरफ्तारी हुई और उनके कमरे से पुलिस ने 22 सितम्बर 1998 को रिवॉल्वर .32 और .22 बोर राइफल बरामद की। इनके लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी थी।
वन अधिकारी ललित बोड़ा ने लूणी पुलिस थाने में 15 अक्टूबर 1998 को मुकदमा दर्ज करवाया था कि सलमान खान ने 1-2 अक्टूबर 1998 की मध्यरात्रि में कांकाणी गांव की सरहद पर दो काले हरिणों का शिकार किया, जिसमें उसने रिवॉल्वर व राइफल का इस्तेमाल किया। दोनों हथियारों की लाइसेंस अवधि समाप्त हो चुकी थी। अवैध हथियारों का इस्तेमाल करते हुए उसने शिकार किया। इस पर सलमान के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 व 27 में मामला दर्ज किया गया। मामले में कुल 20 गवाहों ने गवाही दी थी। एक मामला और है लम्बित एक और दो अक्टूबर 1998 की मध्यरात्रि में कांकाणी की सरहद पर दो काले हिरणों के शिकार का आरोप लगा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जोधपुर जिला) की कोर्ट में अभियोजन पक्ष के गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है। 25 जनवरी को इसमें सभी आरोपियों को बयान मुल्जिम होने है। मामला अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस मामले में सलमान खान के अलावा फिल्म अभिनेता सैफ अली खान, बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाली बेन्द्रे, तब्बू व नीलम भी आरोपी है। सलमान खान की ओर से अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत, सैफ अली खान, सोनाली बेन्द्र व नीलम की ओर से अधिवक्ता के.के. व्यास और तब्बू की ओर से अधिवक्ता मनीष सिसोदिया पैरवी कर रहे हैं।

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